Off-Page SEO and Digital marketing in Hindi

ऑफ-साइट सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन

Off-Site (Or Off-The-Page Search Engine Optimization) in Hindi. This is a part of Digital Marketing in Hindi Series.

ऑफ-साइट सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन – सर्च इंजन परिणामों के पृष्ठों में अपनी रैंकिंग को प्रभावित करने के लिए अपनी स्वयं की वेबसाइट के बाहर की गई सभी प्रथाओं को ऑफ – साइट या ऑफ डा पेज (यानेकी अपने वेबपेज के अलावा ) ऑप्टिमाइजेशन कहते हैं।

ऑफ द पेज या ऑफ साइट सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के बारे में ज्यादा चर्चा करने से पहले एक बार फिर से जान लेते हैं कि सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन होता क्या है|  अगर सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन को आसान शब्दों में समझा जाए तो सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन का मतलब है कि आप अपनी वेबसाइट वीडियो या मोबाइल एप्लीकेशन को सर्च इंजन के अनुकूल बना रहे हैं। सर्च इंजन में विश्व का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण सर्च इंजन है Google। अगर आप चाहते हैं कि आपकी वेबसाइट भी गूगल की सेवाओं का फायदा उठा है और उसकी सर्च मैं ऊपर आए तो आपके लिए सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन जानना बहुत ही आवश्यक है।

ऑफ़-साइट ऑप्टिमाइजेशन में अपने वेबसाइट साइट की लोकप्रियता, प्रासंगिकता, विश्वसनीयता और प्राधिकरण की उपयोगकर्ता धारणा में सुधार करना शामिल है।

यह इंटरनेट पर अन्य सम्मानित स्थानों या वेबसाइट , वेबपेज आदि द्वारा आपकी वेबसाइट की गुणवत्ता को जोड़ने या बढ़ावा देने, और आपके कंटेंट की गुणवत्ता के लिए प्रभावी रूप से समर्थन देने के ज़रिये किया जाता है।

ऑफ-साइट सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन क्यों ज़रूरी है ?

अध्ययनों से पता चलता है कि ऑफ़-साइट ऑप्टिमाइजेशन का एक वेबसाइट की सर्च इंजन रैंकिंग में 50% से अधिक का योगदान होता है।

बैंक लिंक बनाना (Building back-links)

ऑफ पेज सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन मैं सबसे जरूरी चीज है दूसरी वेबसाइट से अपनी वेब लिंक लाना | इसे बैंक लिंक बिल्डिंग भी कहते हैं| सरल रूप से ग्राम इसको जानने की कोशिश करें तो इसका मतलब है कि दूसरी वेबसाइट से आपकी वेबसाइट पर एक हाइपरलिंक आए| अगर कोई लोकप्रिय वेबसाइट आपकी वेबसाइट को एक लिंक कर रही है तो इससे Google या अन्य सर्च इंजन को यह लगता है कि आपकी वेबसाइट भी अच्छी है और आपकी वेबसाइट पर दिया गया कंटेंट भी अच्छी क्वालिटी का है|

एक उदाहरण लेते हैं| मान लीजिए कि आप की वेबसाइट मोबाइल फोन के बारे में एक राय प्रस्तुत करती है| यही मान लीजिए कि नवभारत टाइम्स अपने एक पोस्ट में या अपने एक लेख में आप की वेबसाइट का जिक्र करती है और आपकी वेबसाइट को लिंक करती है तो इससे Google या अन्य सर्च इंजन को यह संकेत जाएगा कि आपकी वेबसाइट भी एक विश्वसनीय वेबसाइट है|

बैंक लिंक तीन प्रकार से बनाए जा सकते हैं |

  1. पहला होता है नेचुरल लिंक बिल्डिंग – यह बिना कुछ किए सिर्फ अच्छी क्वालिटी का कंटेंट क्या लिख लिख कर अपनी वेबसाइट पर दूसरी वेबसाइट से लिंक करवाने का तरीका है| अगर आपकी वेबसाइट या वेब पेज पर अच्छे गुणवत्ता वाले लेख होंगे तो दूसरी वेबसाइट जिनमें प्रभावशाली वेबसाइट से भी हो सकती है आपकी वेबसाइट या वेब पेज के संदर्भ में अपने लेख शॉपिंग| इसमें आपको कुछ नहीं करना होता सेवाएं अच्छी क्वालिटी के लेख लिखने के सिवा| इस तरीके में थोड़ा वक़्त जरूर लगता है|
  2. इसमें दूसरा आता है मैनुअल लिंक बिल्डिंग| इस तरीके में आप अपने वेबसाइट के विजिटर्स को या फिर प्रभावशाली व्यक्ति या वेबसाइट को अपने वेबसाइट का लिंक शेयर करने के लिए बोलते हैं| इसके लिए आप उनकी वेबसाइट को रेफर कर सकते हैं या फिर उनकी वेबसाइट पर जाकर कमेंट कर सकते हैं या फिर इन प्रभावशाली वेबसाइट या व्यक्तियों से मिलकर उनको अपनी वेबसाइट की जानकारी शेयर करने के लिए बोल सकते हैं|
  3. लिंक बिल्डिंग में तीसरा और आखरी तरीका है सेल्फ क्रिएटेड लिंक्स ( या स्व-निर्मित लिंक्स) के जरिए | यह सबसे आसान और काफी महत्वपूर्ण तरीका है| इसमें आप अपनी वेबसाइट का लिंक अपने सोशल मीडिया चैनल या फिर अन्य बिजनेस डायरेक्ट्री डाल सकते हैं| मान लीजिए कि आपका एक ब्लॉग है जिसमें आप अपनी फैशन संबंधी राय देते हैं| तो आप ब्लॉक की ऑनलाइन जितनी भी डायरेक्टर्स है वहां पर अपने ब्लॉग का लिंक शेयर कर सकते हैं| इससे आपको काफी महत्वपूर्ण बैठ लिंक्स शुरू में आसानी से मिल जाएंगे| अगर आप एक व्यापारी है तो आप अपनी बिजनेस वेबसाइट को अन्य बिजनेस डायरेक्ट्री में शेयर कर सकते हैं| भारत में देखा जाए तो आप अपनी वेबसाइट का लिंक जस्ट डायल जैसी वेबसाइट्स पर डाल सकते हैं|

 

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