Google सर्च काम कैसे करता है? दूसरा अध्याय

नमस्कार आपका वायरल पत्रिका में फिर से स्वागत है। पिछले पोस्ट में हमने कुछ मूल बातों की चर्चा करी गूगल सर्च के बारे में। हमने यह जाना कि google अपने स्पाइडर या कॉलर के जरिए पूरे इंटरनेट के बारे में जानकारी अपने में सम्मिलित करता है। यह स्पाइडर या क्रॉलर गूगल का एक इंडेक्स सूची बनाते हैं जिसमें गूगल को हर वेबसाइट के बारे में पूरी जानकारी होती है। उसको ना सिर्फ यह जानकारी होती है की वेबसाइट किस बारे में है पर यह भी जानकारी होती है कि और कौन कौन सी वेबसाइट से पूछ वेबसाइट पर लिंक कर रही है। इस जानकारी से गूगल यह तय करता है कि उस वेबसाइट को किन सर्च रिजल्ट में दिखाएं। अगर आप अपनी वेबसाइट के बारे में सही जानकारी गूगल को बताएंगे तो आपकी वेबसाइट भी Google के सर्च रिजल्ट में ऊपर आ सकती है। Google पर हर सेकंड 63 हजार से ऊपर सर्च होती है। इन सर्च इसमें Google आप के बिजनेस के बारे में आप के ग्राहकों को अच्छी जानकारी दे सकता है। मान लीजिए कि आप दिल्ली में साड़ियों का धंधा करते हैं और आपकी एक दुकान है साड़ियों की चांदनी चौक में। अगर आपने एक वेबसाइट बनाई है अपने बिजनेस के बारे में और उसमें यह जानकारी दे रखी है कि आप साड़ियां भेजते हैं आपने इसके अलावा किस तरह की साड़ियां भेजते हैं किन नामों पर बेचते हैं यह सारी जानकारी डाल रखी है और अपना पता डाल रखा है तो जब भी कोई गूगल पर यह सर्च करेगा कि उसको साड़ियां खरीदनी है दिल्ली में तो Google आप की वेबसाइट का रिजल्ट उसको दिखाइएगा।

इससे आपका साड़ियों का व्यापार बढ़ जाएगा। यह तय करने के लिए कि आपकी वेबसाइट ऑन सर्च रिजल्ट पर ऊपर आए इसके लिए आपको अपनी वेबसाइट Google सर्च के अनुकूल बनानी पड़ेगी। इन्हीं कारणों की वजह से सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन सीखना और उसका जानना जरूरी है। इस जानकारी को अच्छी तरह से समझने के लिए यह जानना भी बहुत जरूरी है कि Google सर्च काम कैसे करता है। इसी विषय पर हम इस पोस्ट में और विस्तार से चर्चा करेंगे।

हर सर्च क्वेरी के लिए हजारों लाखों या अरबों वेबसाइट हो सकती है। आपने यह सोचा है कि Google यह कैसे तय कर सकता है कि कौन सी वेबसाइट उसके सर्च रिजल्ट पर ऊपर आनी चाहिए और कौन सी वेबसाइट उसके साथ रिजल्ट को नीचे आनी चाहिए?

Google यह तय करने के लिए एक बहुत ही कॉन्प्लेक्स एल्गोरिदम का इस्तेमाल करता है जो साल में 500 से 600 बार अपडेट हो सकता है। पर आपको कुछ मूल बातें गूगल सर्च के बारे में जाननी जरूरी है जिसका प्रयोग गूगल करता है यह तय करने के लिए कि आपकी वेबसाइट सर्च में कितनी ऊपर आएगी और किन सर्च क्वेरी के लिए ऊपर आएगी।

इसमें सबसे पहले आता है आपकी वेबसाइट पर दिया गया कंटेंट या आपकी वेबसाइट पर दी गई सूची। यह सूची जितनी अच्छी तरह दी गई होगी या जितनी विस्तार से दी गई होगी वह यह तय करेगा Google को बताने में कि उस वेबसाइट पर क्या सूची है और वह सूची कितनी अच्छी है। अगर आपने अपनी वेबसाइट पर साड़ियों की सूची दी हुई है पर यह सूची विस्तार से नहीं है तो शायद Google आपकी वेबसाइट की सूची को ज्यादा अच्छा रैंक ना करें।

दूसरे नंबर पर आता है कि कितनी वेबसाइट्स आपकी वेबसाइट स्कोर लिंक कर रही है। इसको आसान तरीके से समझने के लिए एक नक्शे का उदाहरण लेते हैं। मान लीजिए आप की राज्य में विधानसभा है ‌ विधानसभा एक महत्वपूर्ण जगह है। इसकी वजह से आप यह देखेंगे कि काफी सड़के विधानसभा की दिशा में जा रही होंगी और नक्शे में भी काफी रास्तों में विधानसभा की तरफ दिशा दिखाई गई होगी। यही अगर कोई कम महत्वपूर्ण जगह है तो उसकी तरफ कम सड़के जा रही होंगी और नक्शे में भी कम जगह उसकी दिशा दिखाई गई होगी। गूगल भी वेबसाइट के साथ कुछ ऐसा ही करता है। अगर आपकी वेबसाइट की तरफ काफी वेबसाइट से लिंक बैंक कर रहे हैं तो Google यह समझता है कि आपकी वेबसाइट महत्वपूर्ण वेबसाइट है। यही अगर आपकी वेबसाइट की तरफ कम देख साइट्स लिंक कर रही हैं तो Google को लगेगा कि आपकी वेबसाइट इतनी महत्वपूर्ण नहीं है ‌। इसी से आता है ऑफ द पेज सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन याने कि आप अपनी वेबसाइट के अलावा अन्य क्या चीज है करते हैं जिससे आपकी वेबसाइट Google सर्च या अन्य सर्च इंजन के अनुकूल बनती है।

गूगल यह गूगल यह भी देखता है कि आपकी वेबसाइट पर क्या क्या लिखा हुआ है। कोई उदाहरण दे तो अगर आपने अपनी वेबसाइट साड़ियों के बारे में बना रखी है और आपने इस वेबसाइट पर साड़ियों के बारे में अच्छी तरह से लिखा हुआ है तो Google आप को ज्यादा अंक देगा। Google यह भी देखता है कि आपकी वेबसाइट पर जो लोग आ रहे हैं वह कितना समय बता रहे है। इसे Google कोई अंदाजा लगता है कि आपकी वेबसाइट पर दिया गया कंटेंट कितना अच्छा है। अगर लोग आप की वेबसाइट पर आकर ज्यादा समय बिता रहे हैं तो Google आपकी वेबसाइट को अपने सर्च रिजल्ट में ज़्यादा ऊपर शायद दिखाएगा। इस सब जानकारियों को पता करने के लिए Google कुछ टैग्स का इस्तेमाल करता है। अगर आपने अपनी वेबसाइट गूगल के दिए गए नियमों के मुताबिक बनाई है तो Google आप की वेबसाइट को बेहतर जान पाएगा। अगर Google आपकी वेबसाइट को बेहतर जानता होगा तो वह यह ज्यादा अच्छी तरह से तय कर पाएगा कि आपकी वेबसाइट को सर्च रिजल्ट में कहां पर दिखाना है और किन-किन कीवर्ड्स में दिखाना है। इन्हीं कारणों की वजह से आपको अपनी वेबसाइट Google के दिए गए नियमों के मुताबिक बनाना जरूरी है। इसको ऑन द पेज सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन भी कहते हैं। इसका मतलब यह है कि आप अपनी वेबसाइट या अपने वेब पेज पर जो जो चीजें करते हैं जिससे आपकी वेबसाइट Google या अन्य सर्च इंजन के अनुकूल बनती है।

ऑन द बीच और ऑफ द प्लीज सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के बारे में हम आगे जाकर और विस्तार से चर्चा करेंगे। हम यह जानेंगे कि ऑन द पेज सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन कैसे किया जाता है और आफ्टर पर सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन कैसे किया जाता है।

आशा करते हैं कि आप को अब ज्यादा जानकारी होगी Google सर्च के बारे में।

अगर आपने किसी कारणवश गूगल सर्च काम कैसे करता है का पहला अध्याय मिस कर दिया है तो आप नीचे दिए गए लिंक पर जाकर उसको पढ़ सकते हैं.

गूगल सर्च काम कैसे करता है – पहला अध्याय

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